tag:blogger.com,1999:blog-8465817.post112270444621881143..comments2008-05-09T11:40:06.175+07:00Comments on कल्‍पवृक्ष: कुछ इसलियॆ भी …राजेश कुमार सिंहhttp://www.blogger.com/profile/07513885073414867392noreply@blogger.comBlogger3125tag:blogger.com,1999:blog-8465817.post-43320491479179369472008-05-09T11:40:00.000+07:002008-05-09T11:40:00.000+07:00सारॆ , सुखॊं की चाह , मॆं ,मदहॊश सॆ , यौवन मिलॆ ,द...सारॆ , सुखॊं की चाह , मॆं ,<BR/>मदहॊश सॆ , यौवन मिलॆ ,<BR/>दॆखा , दुखॊं की बाढ मॆं ,<BR/>बहतॆ हुए , बचपन दिखॆ।<BR/>कुछ इसलियॆ भी , नजर झुकी ।<BR/>कुछ इसलियॆ , न नजर उठी ।<BR/><BR/>बहुत बढ़िया हैPiyush (Amrit)http://www.blogger.com/profile/00430934520633179213noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-8465817.post-1126708150825856332005-09-14T21:29:00.000+07:002005-09-14T21:29:00.000+07:00अनुनाद जी,पर , आप की कविता मुझे पूरी तरह समझ मे आय...अनुनाद जी,<BR/>पर , आप की कविता मुझे पूरी तरह समझ मे आयी !<BR/>-राजेशराजेश कुमार सिंहhttp://www.blogger.com/profile/07513885073414867392noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-8465817.post-1126701246401207102005-09-14T19:34:00.000+07:002005-09-14T19:34:00.000+07:00जय हो , राजेश भाई ।पर कविता , पूरी तरह , समझ मे नह...जय हो , राजेश भाई ।<BR/><BR/>पर कविता , पूरी तरह , समझ मे नहीं आयी ।<BR/><BR/>अनुनादअनुनाद सिंहhttp://www.blogger.com/profile/05634421007709892634noreply@blogger.com